Submission 1565

बारिश की बूंदे

Submitted By: Sucheta S Padaki

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बारिश की बूंदों ने लिखीं है नई कहानी। दिल के तारोंको छेड़कर बजाई है राग सुहानी।। नई बूंदें, नया मौसम लाई है नई उमंगे। संघर्ष भरी जीवन में लाई है नई तरंगें।। जैसे हर एक बूंद मोती नहीं बन सकती। वैसे ही ज़िंदगी भी हर राह आसान नहीं रखती।। हार न मानो, बढ़ते रहो मंज़िल खुद पुकारेगी। संघर्ष की ये तपती रेत सपनों के फूल उगाएगी।। हर नये सवेरे के संग नई उम्मीदें आती हैं। जितनी गहरी रात हो उतनी ही रोशनी लाती है।। जो तप कर चमकता है वो ही हीरा कहलाता है। हर कठिनाई से जो लड़ेगा वोही इतिहास रचाता है।।

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Reg ID: HF25-5048

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