Submission 1652

नक्षत्रपथ

Submitted By: Sanjay S

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तारों की चाल बताती है, राहें कठिन मगर अपनी हैं, शनि की छाया हो चाहे भारी, कर्म से ही किस्मत सजती है। विश्वास का दीप जलाओ दिल में, अंधेरा कभी न टिक पाएगा, हर बाधा को पार करेगा, जो साहस से आगे बढ़ जाएगा। समर्पण का वृक्ष उगाना है, जिसकी जड़ें धैर्य से सींचो, ज्ञान का फल जब पक जाएगा, सफलता खुद तुम्हें ढूँढ लेगी। प्रेम बने आधार जीवन का, शक्ति बने हर मंज़िल का साथी, तो देखो कैसे नक्षत्र झुकेंगे, बन जाओगे तुम अपनी किस्मत के ज्योति-पथिक।

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Reg ID: HF25-5077

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