मोहब्बत
Submitted By: Sharon Anthony
----------------------------------
हजारों लोग मिलेंगे तुझे अपना बताने वालए, पर वो तुझसे मेरे जैसे मोहब्बत कहा कर पाएंगे। हजार बार तुझसे ठोकर खाने के बाद भी, तुझसे बेइंतहा मोहबत कैसे कर पाएंगे। तेरी उन प्यारी सी बदतमीजियों को तमीजदार लोग कैसे समझ पाएंगे। सिर्फ मैं ही वो पागल हु जो तुम पागल को पागलों की तरह मोहब्बत करती है । सिर्फ मेरी ही आंखे है जो तुम्हारी आंखों से कही हुई हर बात को अपने आंखों से पढ़ लेती है। अरे तुम पूरा जहां ढूंढ लो जानी, चाहने वाले हजारों मिलेंगे, मगर मेरे जैसे मोहब्बत करने वाले कहां ही मिलेंगे तुम्हे। तुम हमारे न होते हुए भी तुम्हे अपना बताने वाले कहा मिलेंगे। कहा मिलेंगे तुम्हे मेरे जैसे तुमको बेइंतहा मोहब्बत करने वाले।
----------------------------------
Reg ID: HF25-5199
Please Note - You can vote only Once. If you have already voted - the voting will be disabled automatically by the system.